श्री कौशल किशोर
श्री कौशल किशोर ने आज 15 मार्च, 2023 को श्री गौतम दत्ता , प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, जिन्होंने श्री बी.जी.माल्या के जनवरी 2023 में सवारी डिब्बा कारखाना के महाप्रबंधक के रूप में तैनाती होने परएजीएम पद काअतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे, के स्थान पर दक्षिण रेलवे के अपर महाप्रबंधक (एजीएम) का कार्यभार ग्रहण किया है
भारतीय रेलवे इंजीनियरी सेवा (आईआरएसई) के 1986 बैच के अधिकारी, श्री कौशल किशोर ने जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, नैनीताल से बी.टेक. की डिग्री तथा आईआईटी, दिल्ली से एम.टेक. की डिग्री प्राप्त की।
उन्होंने अपने 3 दशकों से अधिक के सेवाकाल में भारतीय रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिनमें महानगर परियोजनाएं, मध्य रेलवे के मुंबई,नागपुर और भुसावलमंडलऔरआरडीएसओ, लखनऊ भी शामिल हैं।
वे कोटा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर, नागपुर और बिलासपुर मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक भी रह चुके हैं।
दक्षिण पश्चिम रेलवे में मुख्य पुल इंजीनियर और मुख्य परियोजना निदेशक, पुल निर्माण के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने कोविड-19 के दौरान तुंगभद्रा नदी पर प्रमुख पुल के गर्डरों के प्रतिस्थापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उन्होंने इस सामूहिक कार्य को “पुल निर्माण कार्यों के लिए कोई लॉकडाउन नहीं” बताया।
दक्षिण रेलवे में अपर महाप्रबंधक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे उत्तर सीमांत रेलवे के निर्माण संगठन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद पर कार्यरत थे। उत्तर सीमांत रेलवे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, निर्माण के पद पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मेघालय और त्रिपुरा की कई महत्वपूर्ण दोहरीकरण, नई लाइन और अन्य परियोजनाओं का नेतृत्व किया है जिनमें 110 किमी प्रति घंटे की अधिकतम सेक्शनल गति सहित न्यू बोंगाईगांव और बिजनी के बीच का दोहरीकरण चालू करनाउल्लेखनीय है। उन्होंने भारत और बांग्लादेश को जोड़ने वाली अगरतला-अखौरा नई बड़ी लाइन की अंतरराष्ट्रीय परियोजना का नेतृत्व किया और 2021 में ढाका में आयोजित परियोजना समन्वय बैठक में भाग लिया। अरुणाचल प्रदेश में मुरकोंगसेलेक और पासीघाट के बीच रणनीति तौर पर महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजना को उनके कार्यकाल के दौरान गति मिली।
श्री कौशल किशोर को भारतीय रेलवे में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है और उन्होंने सिंगापुर, मलेशिया और इटली जैसे देशों में कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है।